नालागढ़ के साथ लगते हुए चूहू वाल शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन व्यास पीठ आचार्य राकेश गर्ग जी ने कंस वध का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि कंस ने अक्रूर जी को भेज कर बलराम और कृष्ण को मथुरा बुला लिया और उनको मारने के लिए मस्त हाथी और पहलवानों को छोड़ दिया किंतु कृष्ण और बलराम ने मार कर अंत में कंस को सिंहासन से बालों से पकड़ कर खींच किया और उसका वध कर दिया। उसके बाद कृष्ण ने कारागार से अपने माता पिता और नाना को मुक्त किया। 16 तारीख को कथा की पूर्णाहुति होगी और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।