रेणुकाजी बांध परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें 30 दिन के भीतर घर खाली करने के लिए हल्फनामा नहीं देना होगा। एचपीपीसीएल के निदेशक ने इस शर्त को हटाने का आश्वासन दिया है। वहीं, रेणुकाजी बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने नाहन में पत्रकारवार्ता में चेतावनी दी कि आश्वासन के बाद मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा। समिति के अध्यक्ष विजय ठाकुर एवं सचिव योगी ठाकुर ने कहा कि बुधवार को रेणुकाजी बांध विस्थापित संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल शिमला में हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक से मिला। समिति ने विस्थापितों की लंबित मांगों को दोहराते हुए बांध प्रबंधन द्वारा मांगे जा रहे हल्फनामे पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रबंधन विस्थापितों की मांगें पूरी किए बिना ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि कई परिवारों को 30 दिन में घर खाली करने के नोटिस दिए गए हैं और उनसे हल्फनामा मांगा जा रहा है, जो विस्थापितों के साथ अन्याय है। इसको लेकर निदेशक ने कहा कि विस्थापित परिवारों को अब हल्फनामा देने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके स्थान पर केवल सेल्फ डिक्लेरेशन के आधार पर ही घर खाली करने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भूमिहीन हुए करीब 130 परिवारों की सूची 15 दिनों के भीतर जारी कर दी जाएगी। साथ ही विस्थापितों की अन्य मांगों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। विस्थापतों ने कहा कि अगर आश्वासन के बाद भी मांगे पूरी न हुई तो समिति एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।