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सिरमौर: मेडिकल कॉलेज नाहन में गायनी और मेडिसिन में पीजी कोर्स होगा शुरू

डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा का दायरा बढ़ने जा रहा है। कॉलेज में गायनी (स्त्री एवं प्रसूति रोग) और मेडिसिन विभाग में एमडी कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। हाल ही में अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (एएमआरयू),नेरचौक के निरीक्षक ने कॉलेज का दौरा कर व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। दोनों विभागों में पांच-पांच सीटों के साथ एमडी की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। यह कोर्स तीन वर्ष की अवधि का होगा। मई महीने में पहले बैच के शुरू होने की उम्मीद है। पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने से न केवल मेडिकल शिक्षा को नई दिशा मिलेगी, बल्कि सिरमौर सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। निरीक्षण के दौरान निरीक्षक ने गायनी एवं मेडिसिन विभाग में उपलब्ध फैकल्टी, वार्डों की क्षमता, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी व्यवस्था, प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का गहन मूल्यांकन किया। उधर, कॉलेज प्रबंधन ने राष्ट्रीय चिकित्सा मानकों के अनुरूप आवश्यक संसाधन जुटाने का दावा किया है। पीजी कोर्स शुरू होने से अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को अब शिमला या चंडीगढ़ जैसे बड़े संस्थानों की ओर कम जाना पड़ेगा। एमडी कोर्स की शुरुआत से कॉलेज की शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों को भी गति मिलेगी। विशेषज्ञ विभागों में रिसर्च कार्य बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इससे पहले मेडिकल कॉलेज में कम्यूनिटी मेडिसिन और माइक्राबॉयोलॉजी विभाग में पीजी कोर्स चल रहे हैं। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज नाहन सिरमौर जिला का मुख्य स्वास्थ्य संस्थान हैं। यहां पर रोजाना औसतन 1000 के करीब ओपीडी रहती है। गायनी और मेडिसिन अस्पताल के मुख्य विभाग हैं। इनमें मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है। ऐसे में दोनों विभागों में पांच-पांच सीटें भरे जाने से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलेंगी। मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. संगीत ढिल्लो ने पुष्टि की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो गईं तो मई माह तक पहले बैच की कक्षाएं आरंभ कर दी जाएंगी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सेवाएं देने के लिए प्रयासरत हैं। अन्य विभागों में भी इस तरह की सुविधा शुरू करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने माना कि आधारभूत ढांचे की कमी के चलते व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन में दिक्कतें जरूर आ रही हैं।

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