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Sirmaur: करोड़ों की लागत से बना हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान, ट्रांसफार्मर नहीं लगा

दशकों पुराना महिला हॉकी छात्रावास माजरा देश को अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी दे चुका है। जिसमें भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सीता गोसाई, गीती गोसाईं व हाल ही में इंडिया सीनियर नेशनल कैंप लगा कर आई गोलकीपर महिमा पुंडीर शामिल है। पूर्व केंद्रीय खेल एवं सूचना मंत्री अनुराग ठाकुर ने माजरा एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान की सौगात दी है। लेकिन, एक वर्ष बाद भी बिजली का ट्रांसफार्मर नही लग सका है। जिसके चलते खिलाडिय़ों को बिना छिड़काव के अभ्यास करना पड़ता है। गुरु गोबिंद सिंह उतर भारत हॉकी प्रतियोगिता के दौरान भी जनरेटर की मदद से पानी का छिड़काव करवाना पड़ा। बता दें कि 8 मई 2022 में तत्कालीन केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने जिला सिरमौर को 7.50 करोड़ लागत के एस्ट्रोटर्फ मैदान की घौषणा की। 11 मार्च 2024 को वर्चूअल इस मैदान का शुभारंभ किया गया। लेकिन, इस मैदान अभी तक बिजली ट्रांसफार्मर नही लग सका है। मैदान में पानी के छिड़काव को फव्वारे तो लग चुके है। जिससे मैदान के हर कोने तक पानी का छिड़काव हो सकता है। लेकिन, बिजली कनेक्शन नही होने पर पानी का छिड़काव नही हो पाता। हिमाचल प्रदेश स्कूल हॉकी छात्रावास माजरा की खिलाड़ियों को भी अभ्यास में दिक्कतें आती रही है। छात्रावास के कोच पंकज शकलानी ने कहा कि कई बार तो सुबह औंस पडऩे पर खिलाडिय़ों को हॉकी का अभ्यास करवाना पड़ता है। मेरा गांव मेरा देश संस्था निदेशक अनुराग गुप्ता, अध्यक्षा पुष्पा खंडूजा, जाफर अली व लक्ष्मी चंद अत्री ने बताया कि शनिवार को समाप्त हुई 7वीं गुरु गोबिंद सिंह उतर भारत हॉकी प्रतियोगिता के दौरान भी जनरेटर की मदद से पानी का छिड़काव करवाना पड़ा। एक वर्ष पहले खेल मैदान लोकार्पण के बावजूद भी आज तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पाया है। जिस कारण स्थानीय खिलाड़ी बिना पानी के ग्राउंड पर खेलने को मजबूर होना पड़ता है। किसी तरह के टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के लिए जेनरेटर सेट की मदद से पानी का छिड़काव किया जाता रहा है। इस खेल मैदान के जिला जिला युवा सेवाएं एंव खेल विभाग इस मैदान को पूरी तर से अपने अधीन लें। जिससे कोच, ग्राउंड मैन की तैनाती व सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। जिला खेल अधिकारी नाहन भूपेंद्र वर्मा ने कहा कि माजरा टर्फ मैदान के लिए बिजली ट्रांसफार्मर लगाने की योजना प्रस्तावित है। अतिशिघ्र योजना के तहत बिजली कन्नेक्शन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। सेवानिवृत हॉकी कोच चंद्रशेखर का कहना है कि बिना पानी छिड़काव के टर्फ मैदान पर खेलने के काफी नुकसान होते है। जिसमें चोट लगने का खतरा, गेंद पर नियंत्रण में दिक्कतें, खेल की गति कम होना व मैदान का तापमान बढऩे से खिलाडिय़ों में निर्जलीकरण व खेल प्रदर्शन पर प्रभाव पढ़ता है। पानी छिड़काव नही होने पर ऐस्ट्रोटर्फ खेल मैदान जल्द खराब होने की आशंका रहती है।

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