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Rampur Bushahr: अडानी एग्री फ्रेश वर्कर यूनियन ने प्रबंधन के खिलाफ खोला मोर्चा

अडानी एग्री फ्रेश वर्कर यूनियन के मजदूरों का विरोध प्रदर्शन पिछले नौ दिन से जारी है। प्रबंधन की ओर से श्रम कानून लागू न होने और सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों को मनमाने तरीके से बाहर का रास्ता दिखाने को लेकर मजदूर रोष जता रहे हैं। यूनियन ने चेताया है कि यदि जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा, जिसके लिए प्रबंधन जिम्मेदार होगा। अडानी एग्री फ्रेश वर्कर यूनियन संबंधित सीटू के बेनर तले वीरवार को बिथल में श्रम कानूनों को लागू करने और सुरक्षा कर्मियों को गैरकानूनी तरीके से बाहर निकालने की साजिश के खिलाफ अडानी सी स्टोर के बाहर 9वें दिन विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू शिमला जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट वर्कर यूनियन के अध्यक्ष राजपाल भंडारी, सचिव अजय शर्मा, यूनियन के अध्यक्ष सुनील जिष्टू और महासचिव सुनील ने कहा कि मजदूरों की मांगों को लेकर प्रबंधन को एक माह पूर्व मांग पत्र दिया गया, जिसमें श्रम कानूनों को लागू करने और किसी भी मजदूर को नौकरी से बाहर न निकालने की मांग की गई थी, लेकिन प्रबंधन की ओर से मजदूरों की मांगों को अनसुना किया जा रहा है। मजदूर मांग कर रहा है कि श्रम कानून के अनुसार मजदूरों को पूरे माह का वेतन दिया जाए। यदि सुरक्षा कर्मियों के पूरे माह के वेतन की गणना की जाए तो न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। मजदूरों से 12 घंटे ड्यूटी ली जा रही है, परंतु वेतन 8 घंटे का दिया जा रहा है। कानून के अनुसार 8 घंटे के बाद ओवरटाइम का जो दो गुना वेतन मिलना चाहिए, जो नहीं दिया जा रहा है। मजदूरों को कानून के अनुसार जो छुट्टियां मिलनी चाहिए वो भी नहीं दी जा रही। श्रम कानूनों की खुली अवहेलना की जा रही है। हिमाचल प्रदेश में सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष है, लेकिन अडानी सीए स्टोर में सेक्युरिटी गार्ड को 45 वर्ष में ही जबरदस्ती रिटायर किया जा रहा है। मजदूरों को तबादलों की धमकियां दी जा रही है। मजदूरों के साथ हो रहे शोषण के बावजूद श्रम विभाग रामपुर श्रम कानून को लागू करने में नाकाम साबित हो रहा है और इस मसले को लेकर मूकदर्शक बना हुआ है। यूनियन ने प्रदर्शन के माध्यम से मांग की है 8 घंटे से करवाए गए कार्य का कानून अनुसार दोगुना भुगतान किया जाए, अभी तक न्यूनतम वेतन से कम दिए गए वेतन और ओवरटाइम वेतन का भुगतान एरियर के रूप में किया जाए। मजदूरों को सभी प्रकार की कानूनी छुट्टियां देने, मजदूर की छंटनी न करने, किसी भी मजदूर का स्थानांतरण न करने और मजदूरों को 58 साल की सेवा के बाद रिटायर करने की मांग उठाई है। यूनियन के नेताओं ने चेताया कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद भी प्रबंधन नहीं जागा तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी अडानी प्रबंधन और प्रशासन की होगी। इस मौके पर कपिल, भजन, हरीश, जसबीर, चंदन, राकेश, मनोज सहित अन्य मौजूद रहे।

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