केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून को समाप्त कर 'ग्राम जी' योजना लागू करने के बावजूद, इस नई योजना के संबंध में अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इसका सीधा असर मज़दूरों पर पड़ रहा है, जिन्हें पिछले तीन महीनों से पंचायतों में काम नहीं मिल पा रहा है। इस मुद्दे को लेकर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और जुलाई माह से एक व्यापक जन-संपर्क अभियान छेड़ने का ऐलान किया है। सीटू से संबंधित विभिन्न मज़दूर यूनियनें अपनी लंबित मांगों को लेकर सक्रिय संघर्ष कर रही हैं। इसी क्रम में, आंगनवाड़ी यूनियन के आह्वान पर हड़ताल और शिमला सचिवालय के बाहर एक जोरदार प्रदर्शन पहले ही हो चुका है। अब, मंत्री के साथ हुए समझौते के क्रियान्वयन को लेकर 21 जून को बिलासपुर में यूनियन की राज्य कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। सीटू के राज्य उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मिड डे मील वर्करज यूनियन भी अपनी मांगों को लेकर 22 जून को हड़ताल पर जाएगी और शिमला में एक राज्य स्तरीय रैली का आयोजन करेगी, जिसमें मंडी जिले के सभी शिक्षा खंडों से वर्कर भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त, एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन अपनी मांगों के संबंध में आगे की रणनीति बनाने के लिए 15 जून को मंडी और 22 जून को शिमला में बैठकें आयोजित करेगी। निर्माण मज़दूरों के लंबित लाभों के भुगतान में देरी के विरोध में 6, 7 और 8 जुलाई को बोर्ड कार्यालय हमीरपुर पर प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया गया है। वहीं, आउटसोर्स सफाई एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट मज़दूरों की मांगों पर चर्चा के लिए 29 जून को सरकाघाट में एक अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। सीटू 25, 26 और 27 जून को कुल्लू में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन कर रहा है। इस शिविर का उद्देश्य श्रम कानूनों को समाप्त कर बनाई गई नई संहिताओं के लागू होने से मज़दूरों पर पड़ने वाले प्रभावों का मुकाबला करने के लिए रणनीति तैयार करना होगा। साथ ही, राज्य सरकार के श्रम विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे नए नियमों पर सुझाव देने के संबंध में भी निर्णय लिया जाएगा। भूपेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की मनरेगा कानून को समाप्त करने और 'ग्राम जी' योजना लाने की नीति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस नई योजना के बारे में कोई भी दिशा-निर्देश जारी न होने के कारण मज़दूरों के सामने रोज़गार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को लेकर सीटू जुलाई माह से जन-संपर्क अभियान चलाएगी और बरसात के बाद दिल्ली में एक बड़ी रैली और प्रदर्शन का आयोजन करेगी। इसके अलावा, रेहड़ी-फड़ी और अन्य असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों की मांगों को लेकर भी अभियान चलाया जाएगा।