हिमाचल प्रदेश में वन रक्षकों के 500 सहायक पदों की नियुक्ति पर वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने सरकार के इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की। शुक्रवार को जोगिंद्रनगर में अपनी मांगों को लेकर वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर नए पदों की नियुक्ति से पहले रिक्त चल रहे 650 पदों की नियुक्ति की मांग की। वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ वन वृत मंडी के अध्यक्ष छोटू यादव ने राज्यपाल को बताया कि नए पदों की नियुक्ति से वन रक्षकों का कैडर प्रभावित होगा। पदोन्नति व स्थानातंरण को लेकर भी वन रक्षकों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। बताया कि प्रदेश भर में 2581 वन रक्षकों की तैनाती के बीच 500 सहायक वन रक्षकों की नियुक्ति से संख्या पर भी असर पड़ेगा। अध्यक्ष ने कहा कि 2021 के तहत वन रक्षकों की भर्ती में जो दो साल के कॉट्रेक्ट का जो प्रावधान था इसे नई भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए तो प्रदेश भर के सैंकड़ों वन रक्षकों को भी पदोन्नति का लाभ मिलेगा। वन रक्षकों की इस मांग को ध्यानपूर्वक सुनते हुए राज्यपाल कावेंद्र गुप्ता ने कहा कि वह सरकार के समक्ष उनकी बातों को ध्यान में लाकर उचित समाधान का प्रयास करेंगे।