छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध मंडी शहर को चिनार के पेड़ों से हराभरा और आकर्षक बनाने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। भारतीय सांस्कृतिक निधि, मंडी ने नगर निगम के सहयोग से इंदिरा मार्केट परिसर में चिनार का पौधा रोपित किया। पौधारोपण नगर निगम की महापौर सुमन ठाकुर और उपमहापौर जितेंद्र शर्मा की उपस्थिति में किया गया। महापौर सुमन ठाकुर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि चिनार का पौधा भविष्य में मंडी की प्राकृतिक सुंदरता और पहचान को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने संस्था के प्रयास को पर्यावरण संरक्षण और शहर के सौंदर्यीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। भारतीय सांस्कृतिक निधि के सदस्य कमलकांत शर्मा ने बताया कि संस्था पहले भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर उन्हें वृक्षों के रूप में विकसित कर चुकी है। इस बार कुछ अलग करने के उद्देश्य से चिनार के पौधे लगाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि दशकों पहले परम पावन दलाईलामा ने मंडी के टारना क्षेत्र में चिनार के दो पौधे लगाए थे, जिनमें से एक आज भी सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि चिनार का पौधा प्राप्त करना आसान नहीं था और इसके लिए काफी प्रयास करने पड़े। यदि यह पौधा स्थानीय जलवायु में सफलतापूर्वक विकसित होता है तो भविष्य में मंडी शहर के विभिन्न हिस्सों में चिनार के और पौधे लगाए जाएंगे। चिनार का पेड़ मुख्य रूप से कश्मीर की पहचान माना जाता है। हिमाचल प्रदेश में इसकी संख्या बेहद कम है। इसके बड़े और रंग बदलने वाले पत्ते प्राकृतिक सौंदर्य को विशेष आकर्षण प्रदान करते हैं। यही कारण है कि मंडी में भी इस प्रजाति के वृक्षों को बढ़ावा देने की पहल की गई है, ताकि शहर की हरियाली और पर्यटन आकर्षण को नया आयाम मिल सके।