एसपीयू में आयोजित कार्यशाला में बोले उच्च शिक्षा परिषद अध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. सरबजोत सिंह बहल ने कहा कि राज्य को नई शिक्षा नीति के अनुकूल होने की जरूरत है। नई शिक्षा नीति 2020 भारत की शिक्षा प्रणाली के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप प्रदान करती है। हिमाचल प्रदेश इस नीति का लाभ उठाकर अधिक समावेशी, न्यायसंगत और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एनईपी 2020 की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर देते हुए वर्तमान समय में शिक्षक की बदलती भूमिका पर प्रकाश भी डाला।
सरदार पटेल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कार्यान्वयन और प्रभाव पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सोमवार को किया। सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ललित अवस्थी ने विश्वविद्यालय में अपने पहले दौरे के लिए प्रोफेसर सरबजोत सिंह बहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 34 वर्षों के बाद हमारी शिक्षा प्रणाली में एक आदर्श बदलाव का प्रतीक है। यह एक समग्र, लचीले, बहु-विषयक दृष्टिकोण पर जोर देती है। रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देती है। इसका उद्देश्य प्रत्येक शिक्षार्थी को समान अवसर प्रदान करना है।
प्रोफेसर बहल ने कहा कि नई नीति का मूल्यांकन कर इसे राज्य-विशिष्ट बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कौशल विकास, रोजगार और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने पर नीति के फोकस पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. अनुपमा सिंह, परीक्षा नियंत्रक इंजीनियर सुनील वर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद