अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र में आयोजित तीन दिवसीय लोकनृत्य प्रतियोगिता में हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली। प्रतियोगिता में कुल 77 सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया। इन दलों ने पारंपरिक लोकनृत्यों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया। प्रतियोगिता में 69 महिला मंडलों और आठ अन्य सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। तीन दिनों तक चली इस प्रतियोगिता के विजेता दलों को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। निर्णायक मंडल के फैसले के आधार पर भुट्टी वीवर्ज भुट्टी कॉलोनी ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। सूत्रधार कला संगम कुल्लू दूसरे और युवा कला संगम गाहर तीसरे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता में शामिल सभी सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोक कला के प्रति समर्पण और प्रतिभा का परिचय दिया। आयोजन में पारंपरिक लोकनृत्यों के जरिए हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली।