विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में गर्भ गृह मंदिर के ऊपर स्थापित ऐतिहासिक गोल्ड प्लेटेड छत्र (गुंबद) की विशेष साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। वर्षों बाद प्रशासन द्वारा इस ऐतिहासिक धरोहर की व्यापक सफाई करवाने का निर्णय लिया गया है, ताकि इसकी पुरानी स्वर्णिम चमक दोबारा लौट सके और गुंबद में मौजूद लीकेज जैसी समस्याओं को भी दूर किया जा सके। जानकारी के अनुसार मंदिर के ऊपर स्थापित यह स्वर्णिम छत्र वर्ष 1738 ईस्वी में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा बनाया गया था। बताया जाता है कि इसी तर्ज पर स्वर्ण मंदिर अमृतसर और काशी विश्वनाथ मंदिर में भी स्वर्णिम गुंबद तैयार किए गए। लंबे समय से इस ऐतिहासिक छत्र की उचित सफाई नहीं हो पाई थी, जिसके चलते इसकी चमक फीकी पड़ने लगी थी। मंदिर प्रशासन के निर्णय के बाद दिल्ली के प्रसिद्ध ज्वेलर एवं माता के भक्त विजय ने इसकी साफ-सफाई और संरक्षण का जिम्मा उठाया है। बताया जा रहा है कि वह अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ आधुनिक तकनीक और सुरक्षित प्रक्रिया के माध्यम से गुंबद की सफाई करेंगे, ताकि सोने की परत को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे। साथ ही गुंबद के आसपास मौजूद लीकेज और अन्य तकनीकी कमियों को भी दुरुस्त किया जाएगा। मंगलवर सुबह एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा ने मंदिर पहुंचकर कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों व टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। प्रशासन का कहना है कि मंदिर की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। मंदिर पुजारी सभा के प्रधान अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रशासन द्वारा मंदिर के ऊपर लगे गोल्ड प्लेटेड छत्र की सुरक्षित तरीके से साफ-सफाई करवाने का निर्णय लिया गया है। दिल्ली से आई विशेषज्ञ टीम पूरी सावधानी के साथ इसकी सफाई करेगी और जहां कहीं भी लीकेज या अन्य तकनीकी दिक्कतें हैं, उन्हें भी ठीक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्य पूरा होने के बाद मंदिर का स्वर्णिम छत्र अपनी पुरानी आभा में दिखाई देगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।