हमीरपुर शहर को नगर निगम बनाए जाने के कैबिनेट के फैसले के बाद अब नगर निगम में आने वाली आसपास की पंचायत से इसके बनने और इसमें शामिल होने को लेकर पंचायत ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। गत दिन ही शहर के साथ लगती दडूही पंचायत के ग्रामीणों ने भी नगर निगम से बाहर रखने को लेकर उपायुक्त हमीरपुर से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा था और मांग की थी कि उन्हें नगर निगम में शामिल न किया जाए लेकिन अब मंगलवार को शहर के साथ लगती बजूरी पंचायत के ग्रामीणों ने भी नगर निगम में शामिल होने का विरोध जताते हुए उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर उनकी पंचायत हो नगर निगम में शामिल किया जाता है तो गरीब लोगों पर बेवजह का टैक्स बोझ बढ़ जाएगा जो सुविधा उन्हें गरीबी रेखा को लेकर मिल रही है वह सुविधा भी उन्हें मिलना बंद हो जाएंगे। इस अवसर पर संजीव कुमार, सुभाष चंद, राकेश कुमार,राजेश शर्मा,पंकज कुमार,जगदीश चंद, हरि राम, पुरूषोतम चंद, भारत भूषण, मनोज कुमार,सुरिंदर कुमार बेदी, प्रदीप कुमार, वीना देवी,निशा कुमारी,रीता शास्त्री, सुमन देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं, ग्रामीण रीता शास्त्री का कहना है कि नगर निगम में हमारी पंचायत भी आई है जिसका हम विरोध करते है। उन्होंने कहा कि हम लोगों के कई कार्य नगर निगम के बनने के बाद बाधित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर कार्य सही तरह से हो रहे है और जो कार्य अभी रुके है वो कार्य नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा में अधिक लोग दिहाड़ी लगाते है बो लोगों के लिए 1000 रूपये का हाउस टैक्स नहीं दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर हमें नगर निगम से बाहर नहीं किया गया तो पंचायत के लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे। पंचायत के उप प्रधान मनोज कुमार का कहना है कि पंचायत के लोग नगर निगम में शामिल नहीं होना चाहते हैं और वह पहले से मिल रही सुविधाओं से ही जुड़ा रहना चाहते हैं । उन्होंने कहा कि इसके विरोध में आज हमने उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंपा है । उन्होंने कहा कि बजूरी पंचायत में 80 प्रतिशत के आबादी के लोग अति गरीब है। उन्होंने कहा कि जो पंचायत में मनरेगा के काम होते है लोग उनसे ही रोजी रोटी कमा रहे है। उन्होंने कहा कि अभी पंचायत में 100 रूपये का हाउस टैक्स है कुछ लोग 100 रूपये ही नहीं दे पाते है तो और जब नगर निगम में आने के टैक्स हजारों में हो जाएगा तो इतना टैक्स लोग कहा से देंगे। उन्होंने कहा है समस्त गांव वासियों ने उपायुक्त से गुहार लगाई है कि हमारी पंचायत को नगर निगम में न जोड़ा जाए।