हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के दिल्ली स्थित ड्राइवर-कंडक्टर विश्राम गृह की बदहाली को लेकर कंडक्टर यूनियन ने कड़ा रुख अपनाया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि विश्राम गृह की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारियों को मजबूरन दिल्ली के रूट बंद करने का कदम उठाना पड़ सकता है। यूनियन का कहना है कि विश्राम गृह के शौचालय में पानी तक की व्यवस्था नहीं है, जिससे ड्यूटी पर दिल्ली पहुंचने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सोमवार को हमीरपुर के एनजीओ भवन में स्टेट एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्टेट कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान दिल्ली स्थित विश्राम गृह की दयनीय स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। यूनियन पदाधिकारियों ने निगम प्रबंधन से मामले का जल्द संज्ञान लेने और कर्मचारियों को जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान दिल्ली पहुंचने वाले कर्मचारियों को आराम करने और दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए उचित सुविधाएं मिलनी चाहिए। स्टेट महासचिव दिपेंद्र कंवर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दिल्ली स्थित ड्राइवर-कंडक्टर विश्राम गृह की बदहाली से जुड़ी खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को शौचालय के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है, जो गंभीर परेशानी का विषय है। दिपेंद्र कंवर ने निगम प्रबंधन से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की, ताकि दिल्ली पहुंचने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों को ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े। यूनियन ने स्पष्ट किया कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर दिल्ली के रूट बंद करने जैसा कदम उठाने की नौबत आ सकती है। बैठक से पहले प्रांतीय प्रधान प्रीत मोहिंदर की अध्यक्षता में एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन हमीरपुर के क्षेत्रीय चुनाव करवाए गए। चुनाव में सर्वसम्मति से विनय कुमार को दोबारा प्रधान चुना गया, जबकि अरविंद कुमार को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। सतीश कुमार को भी सर्वसम्मति से फिर से अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा राजेंद्र को वरिष्ठ उपप्रधान और शिवकुमार को उपप्रधान चुना गया। अरविंद कुमार को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई।