बिजली विभाग चंडीगढ़ को निजी कंपनी के हवाले करने के विरोध में बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता, पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट ने एनसीसीओईईई के आवाहन पर मुख्य अभियंता बिजली प्रणाली व मुख्य अभियंता परिचालन हमीरपुर जोन कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की है कि बिजली क्षेत्र में सुधारों के नाम पर चंडीगढ़ बिजली विभाग जिसकी संपत्ति 26000 करोड़ के लगभग है, उसे एक कंपनी को मात्र 871 करोड़ में बेचा जा रहा है। ज्वाइंट फ्रंट ऑफ हिमाचल बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता हमीरपुर के सदस्य कामेश्वर शर्मा ने कहा कि चंडीगढ़ बिजली विभाग में कार्यरत कर्मचारी व अभियंता जो केंद्र सरकार के सेवा शर्तों के तहत आते हैं, उन्हें बिना किसी सेवा शर्ते तय किए बगैर ही निजी कंपनी के अधीन काम करने के लिए मजबूरकिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश का कर्मचारी व अभियंता, पेंशनर केंद्र सरकार व चंडीगढ़ प्रशासन से मांग की है कि चंडीगढ़ बिजली विभाग को निजी कंपनी के हवाले न किया जाए। वहीं यूपी व अन्य राज्यों में चलाई जा रही निजीकरण की मुहिम को रोका जाए। फ्रंट ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि हिमाचल बिजली बोर्ड में युक्तिकरण के नाम पर कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है। बिजली बोर्ड में जहां 43 हजार कर्मचारी काम करते थे, आज बिजली बोर्ड में मात्र 13 हजार स्थाई कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। बिजली बोर्ड में सात हजार स्थाई रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। इस दौरान मनेश, राजेश, सुभाष कुमार, धर्मपाल, सुशील आदि मौजूद रहे।