कर्मचारी नेता मान सिंह ने कहा है कि वह तबादलों से डरने वाले नहीं हैं और कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने सरकार से लंबित वित्तीय देनदारियों का जल्द भुगतान करने की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों की आवाज दबाने के लिए तबादलों का सहारा लेना उचित नहीं है। मान सिंह ने कहा कि यदि सरकार चाहे तो उनका रोज तबादला कर सकती है, लेकिन इससे कर्मचारियों की जायज मांगें खत्म नहीं होंगी। उनका कहना है कि कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा लंबित भुगतान है और सरकार को प्राथमिकता के आधार पर इसका समाधान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए 10 जुलाई तक का समय मांगा है। कर्मचारी यूनियन इस समयसीमा का सम्मान करते हुए तब तक इंतजार करेगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समय तक कर्मचारियों का बकाया जारी नहीं किया गया तो यूनियन अगली रणनीति तय करेगी। मान सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि सरकार निर्धारित समयसीमा के भीतर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो यूनियन आंदोलन सहित अन्य विकल्पों पर विचार करेगी। इसके लिए जल्द बैठक बुलाकर आगामी कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाए ताकि किसी भी प्रकार के टकराव की स्थिति पैदा न हो और कर्मचारी वर्ग को समय पर उनका अधिकार मिल सके।