वेतनमान नहीं मिलने से गुस्साए प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी, इंजीनियर, पेंशनर्स ने संयुक्त रूप से शुक्रवार को विद्युत मंडल कार्यालय चंबा में प्रदर्शन करने के बाद प्रबंधन निदेशक की शव यात्रा निकाल कर उसे जलाया। बोर्ड कर्मचारियों, इंजीनियरों, पेंशनरों ने बताया कि बिजली बोर्ड की इस वित्तीय बदहाली के लिए प्रबंधक वर्ग दोषी है। उन्होंने सरकार से बिजली बोर्ड में तुरंत प्रभाव से एक स्थायी प्रबंध निदेशक की तैनाती करने की मांग उठाई है। राज्य के मुख्य सचिव मुकेश कुमार जट और पूर्व मुख्य सलाहकार अनिल वर्मा ने बताया कि बिजली बोर्ड पिछले 9 माह से अस्थायी प्रबंध निदेशक से चलाया जा रहा है। इससे बोर्ड के की कार्यप्रणाली बुरी तरह से प्रभावित हुई है। परिणामस्वरूप बोर्ड कर्मचारियों का वेतन और पेंशनर्स की पेंशन पहली जनवरी को नहीं मिल पाई। कहा कि बिजली बोर्ड से 50 हजार परिवार जुड़े हैं और वर्तमान के प्रबंध निदेशक की कार्यप्रणाली का खमियाजा इनके परिवार को भुगतना पड़ रहा है।