एपीएमसी अध्यक्षों के लिए गाड़ियों की खरीद को लेकर चल रहे सियासी विवाद के बीच एपीएमसी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने स्पष्ट कहा कि सरकार भले ही घाटे में हो, लेकिन एपीएमसी घाटे में नहीं है और अध्यक्षों के लिए गाड़ियों की खरीद अपने संसाधनों से की गई है। इसमें सरकारी धन का कोई उपयोग नहीं हुआ है। उन्होंने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार एपीएमसी बिलासपुर कार्यालय पहुंचे पठानिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश भले ही आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा हो, लेकिन एपीएमसी की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ है। संस्था अपने आय स्रोतों से कार्य कर रही है और आवश्यक व्यवस्थाएं करने में सक्षम है। दौरे के दौरान उन्होंने एपीएमसी बिलासपुर के अध्यक्ष सहित अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। किसानों, बागवानों और कर्मचारियों ने अपनी-अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। पठानिया ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी दो वर्ष में एपीएमसी को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मंडियों में आधारभूत ढांचे के विकास, सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि किसानों और बागवानों को बेहतर विपणन व्यवस्था मिल सके। पठानिया ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों और बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करना है। इसके लिए मंडियों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, शेड और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा। कर्मचारियों की लंबित मांगों पर भी चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने एपीएमसी कार्यालय और मंडी परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यालय पहुंचने पर कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर एपीएमसी बिलासपुर के अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।