बिलासपुर की सदर विधानसभा क्षेत्र के सुंगल में वीरवार को उपायुक्त ने केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि का निरीक्षण किया। एम्स बिलासपुर के कर्मचारियों के बच्चों के लिए सदर में केंद्रीय विद्यालय प्रस्तावित है। लेकिन कई जगह जमीन चिन्हित करने के बाद भी प्रक्रिया अंतिम चरण तक नहीं पहुंची। वहीं अब सुंगल में करीब 200 बीघा भूमि को इसे विद्यालय के लिए देखा जा रहा है। लेकिन सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इसका चयन किया जाएगा। विद्यालय के लिए करीब तीन साल में कई बार भूमि चयन किया जा चुका है, लेकिन वन स्वीकृति प्राप्त न होने के कारण अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। अब उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बिलासपुर शहर के समीप सुंगल क्षेत्र में संभावित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बताया कि सुंगल क्षेत्र में लगभग 200 बीघा भूमि उपलब्ध है, परंतु विद्यालय निर्माण के लिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी तकनीकी और कानूनी औपचारिकताओं की समीक्षा के उपरांत ही भूमि का चयन किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके अतिरिक्त अन्य संभावित स्थलों की भी पहचान की जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक विकल्प उपलब्ध रहें। कहा कि एम्स के कर्मचारियों के बच्चों की सुविधा के लिए केंद्रीय विद्यालय की शीघ्र स्थापना अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय का निर्माण प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है और इसके लिए भूमि चयन की प्रक्रिया को यथाशीघ्र पूर्ण कर फॉरेस्ट क्लीयरेंस प्राप्त किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। बताया कि घुमारवीं में भी केंद्रीय विद्यालय के लिए पूर्व में चयनित भूमि का फॉरेस्ट क्लीयरेंस स्टेज-1 स्वीकृत हो चुका है और शेष औपचारिकताओं को पूर्ण कर वहां भी शीघ्र निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा।