यमुनानगर नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन की हड़ताल बुधवार को सातवें दिन भी यमुनानगर दमकल केंद्र में जारी रही। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए 13 मई को हुए समझौते को लागू करने की मांग की। धरने का संचालन जिला सचिव रिंकू कुमार ने किया। अग्निशमन यूनियन के राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज, प्रधान विजेंद्र सिंह ने बताया कि सुखपुरा चौक स्थित कर्मचारी भवन में मंगलवार को दमकल यूनियन की राज्य कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें हड़ताल को 15 अगस्त तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें राजनीतिक व सामाजिक नेताओं, जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, कर्मचारी एवं मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा। गोष्ठी में दमकल कर्मचारियों की लंबित मांगों और उनके साथ किए जा रहे व्यवहार पर चर्चा होगी। इसी दिन आंदोलन को आगे बढ़ाने या अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाने का फैसला किया जाएगा। गुलशन भारद्वाज ने कहा कि 17 अगस्त से नगरपालिका कर्मचारी संघ और दमकल कर्मचारी यूनियन जिले के विधायकों, मंत्रियों, सांसदों, विभिन्न राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों तथा नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के सदन के सदस्यों, चेयरमैनों और महापौरों को ज्ञापन सौंपेंगे। उनसे कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करने और सरकार से मांगों का समाधान करवाने की अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि दलित, सामाजिक और धार्मिक संगठनों से भी सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन की अपील की जाएगी। धरने को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महिपाल सौदे, नंद लाल, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला सचिव सोमनाथ, ब्लॉक प्रधान अशोक वर्मा और सचिव जरनैल चिनालिया ने सरकार पर 13 मई के समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वार्ता में दमकल विभाग के शहीद कर्मचारियों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पक्की नौकरी, अनुबंधित ड्राइवरों व दमकल कर्मचारियों को पक्का करने, वर्दी भत्ता और जोखिम भत्ता समेत आठ मांगों पर सहमति बनी थी। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने 22 मई को हाईकोर्ट में दिए शपथपत्र में पूर्व में मानी गई मांगों से इनकार कर दिया। इससे कर्मचारियों में रोष है। प्रधान विजेंद्र सिंह ने कहा कि 13 मई 2026 का समझौता लागू होने तक हड़ताल जारी रहेगी। मांगों का ठोस समाधान होने के बाद ही आंदोलन वापस लेने पर विचार किया जाएगा।