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VIDEO : यमुनानगर के व्यासपुर में आदि बद्री श्री केदारनाथ समेत सभी शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए उमड़े भक्त

महाशिवरात्रि पर्व पर खंड के विभिन्न शिव मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालु मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे। सुबह होते ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गई। क्षेत्र के श्री केदारनाथ मंदिर, श्री खेड़ा मंदिर, श्री टाहली वाला मंदिर, शिव मंदिर मिल्क खास, शिव मंदिर मखौर, काली माता मंदिर, रघुनाथ मंदिर सहित दर्जनों मंदिर में श्रद्धालुओं ने शिवलिंग की पूजा अर्चना कर जलाभिषेक किया। आदिबद्री स्थित श्री केदारनाथ मंदिर के पुजारी राजेश्वर शास्त्री ने बताया कि समस्त श्रृष्टि शिवमय है। शिव ही आदि और अनंत हैं। वे जन्म और मृत्यु से परे हैं। शिव हर्ष और शोक से भी अतीत है। दुख उन्हें स्पर्श भी नहीं करता और हर्ष विचलित नहीं कर सकता। ग्रंथों की मान्यता अनुसार श्रृष्टि के आदि में महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि में शिव का अवतरण ब्रह्मा रूप से रूद्र रूप में हुआ। शिव संस्कृत भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ है कल्याणकारी या शुभकारी। शिव की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि समस्त विश्व का आश्रय, अधिष्ठान शिव ही हैं। समस्त संसार उनकी ही रचना है। महाशिवरात्रि पर्व पर सच्चे मन से प्रभु शिव की अराधना व जलाभिषेक करने से जाने अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। इस मौके पर महिलाओं के द्वारा शिव की महिमा का संगीतमय ढंग से गुणगान किया गया। मंदिर में विभिन्न धार्मिक संस्थाओं ने भंडारों का आयोजन किया।

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