वैदिक प्रवक्ता महेंद्र कुमार शास्त्री ने कहा कि मनुष्य को पूर्वजों की स्मृति, जन्मदिन व वैवाहिक वर्षगांठ पर सार्वजनिक स्थल पर पौधरोपण करना चाहिए। इससे पर्यावरण को दूषित होने से बचाया जा सकेगा। मनुष्य ने बहुत मौकों पर विदेशी संस्कृति को अपना लिया है। यह गलत व वेद विरुद्ध है, क्योंकि वेद ही सृष्टि का संविधान है। महेंद्र शास्त्री काठ मंडी स्थित आर्य समाज मंदिर की ओर से आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे यजुर्वेद पारायण महायज्ञ व 38वें वार्षिक उत्सव के चौथे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत आर्य समाज के पूर्व प्रधान कपिल देव, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह शास्त्री व प्रधानाचार्य नरेंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित करके की। महायज्ञ में शुक्रवार को राजेंद्र सिंह, कमला, मंजीत, रीना, सुरेश कुमार, सीमा, भरपूर, प्रमिता, रणदीप, ज्योति यजमान के रूप में पहुंचे। सभी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ में आहुति दी। महेंद्र कुमार शास्त्री ने कहा कि ईश्वर सर्वव्यापक है। वह सृष्टि के कण-कण में विद्यमान है। वहीं मनुष्य को उत्तम गुण, कर्म, स्वभाव का बनाकर आत्मा को प्रकाशित करने वाले हैं। मनुष्य को उस निराकार परमात्मा की उपासना करनी चाहिए। जिस प्रकार ईश्वर की अग्नि सारे जगत के लिए सुखकारी है, वैसे ही विद्या के जानने वाले अध्यापक सब मनुष्यों के लिए सुखकारी होते हैं, इसलिए अध्यापक को राष्ट्र निर्माता कहा गया है। कार्यक्रम में सतेंद्र, बबीता, नीलम, वर्षा, तस्वीर, संतोष, सीमा, दिनेश, जसवीर व दिलावर मौजूद रहे।