मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच किसानों के लिए राहत और सतर्कता दोनों जरूरी हो गई है। हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, हिसार की सूचना के अनुसार 19 से 22 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने की चेतावनी दी गई है, जिसके चलते बीच-बीच में हल्की बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों में गोहाना में 8 एमएम और खानपुर में 12 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इस समय गेहूं की फसल पकाव की ओर बढ़ रही है। कुछ दिन पहले तापमान बढ़ने के कारण फसल के दूधिया अवस्था में ही जल्दी पकने के आसार बन रहे थे, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता था। लेकिन अब मौसम में बदलाव और तापमान में आई गिरावट से फसल को राहत मिली है और दाना भरने की प्रक्रिया को फायदा हुआ है। हालांकि, मौसम का यह बदलाव पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। अगर बारिश के साथ तेज हवा चलती है तो गेहूं की फसल गिरने का खतरा बना रहता है। फसल गिरने से कटाई में दिक्कत आती है और पैदावार पर सीधा असर पड़ता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कृषि विभाग के एसडीओ राजेन्द्र प्रसाद मेहरा ने बताया कि क्षेत्र में करीब 1 लाख 60 हजार एकड़ भूमि में फसलों की बिजाई की गई है। इसमें 1 लाख 48 हजार एकड़ में गेहूं, करीब 3 हजार एकड़ में सरसों और बाकी जमीन में गन्ना, चारा व सब्जियां उगाई जा रही हैं। उन्होंने किसानों से अपील की है कि मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और उसी के अनुसार खेती के काम करें। अनावश्यक सिंचाई से बचें और अगर ज्यादा बारिश हो जाए तो खेतों में पानी की निकासी का सही इंतजाम करें, ताकि फसल को नुकसान न हो। साथ ही मौसम की जानकारी के लिए एचएयू हिसार की वेबसाइट इमौसमएचएयूडॉटकॉम (emausamhau.com) से जुड़े रहें।