सोनीपत। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई के कुलपति एवं सेवानिवृत्त आईपीएस अशोक कुमार के सम्मान में शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कोचिंग व गैर-शिक्षण कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस दौरान उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय को मिली उपलब्धियों और शैक्षणिक व प्रशासनिक विकास में दिए गए योगदान को याद किया गया। समारोह की शुरुआत विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर की ओर से अपने अनुभव साझा करने के साथ हुई। उन्होंने सहायक प्रोफेसर पदों पर हुई निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कुलपति के नेतृत्व की सराहना की। इसके बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। पीजी डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग के विद्यार्थियों ने भी संबोधन के माध्यम से उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार जताया। वक्ताओं ने अशोक कुमार के बहुआयामी व्यक्तित्व और प्रशासनिक अनुभव को भी याद किया। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से तकनीकी शिक्षा प्राप्त की और भारतीय पुलिस सेवा में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं। वह उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद से सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के कुलपति की जिम्मेदारी संभाली। वक्ताओं के अनुसार, पुलिस प्रशासन और तकनीकी क्षेत्र का उनका अनुभव विश्वविद्यालय के शैक्षणिक व प्रशासनिक विकास में उपयोगी साबित हुआ। अशोक कुमार ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में केवल विद्यार्थियों ने ही नहीं, बल्कि उन्होंने स्वयं भी बहुत कुछ नया सीखा है। हरियाणा सरकार ने उन्हें इस विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को समझने, यहां काम करने और नई व्यवस्था का हिस्सा बनने का अवसर दिया, जिसके लिए वह सदैव आभारी रहेंगे। विश्वविद्यालय को वर्तमान मुकाम तक पहुंचाने और इसकी विशिष्ट ब्रांड वैल्यू स्थापित करने में प्रत्येक कर्मचारी का योगदान रहा है। अंत में अशोक कुमार के विश्वविद्यालय में बिताए समय, निजी जीवन और भारतीय पुलिस सेवा के दौरान की महत्वपूर्ण स्मृतियों पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई।