बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार, उन पर हो रहे हमले व मंदिरों में तोड़फोड़ के विरोध में जिला वेद प्रचार मंडल एवं वैदिक संस्थाओं की ओर से सुभाष चौक पर यज्ञ कर रोष मार्च निकाला गया। इससे पहले आर्य समाज सनातन मंदिर, मालवीय नगर के बैनर तले सभी वैदिक संस्थाओं के सदस्य सुभाष चौक पर एकत्रित हुए। यहां सभी ने मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ में आहुति डाली। प्रधान नारायण सिंह आर्य, कोषाध्यक्ष अजीत सिंह आर्य व प्रवक्ता ओमप्रकाश आर्य ने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान व बांग्लादेश में हिंदू व अल्पसंख्यक समुदाय की संख्या कम हो रही है। इसका कारण इन देशों में हिंदू व अल्पसंख्यक समुदाय पर आतंक व दहशत फैलाकर रखना है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय पाकिस्तान में 50 फीसदी से अधिक संख्या में हिंदू थे, जो वर्तमान में मात्र दो फीसदी रह गए हैं। वहीं, बांग्लादेश में हिंदुओं की संख्या इसी अवधि में 33 फीसदी से घटकर मात्र आठ फीसदी रह गई है। बांग्लादेश में हिंदुओं का अत्याचार बढ़ता जा रहा है। मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। वहीं मानवाधिकारों की आवाज उठाने वाले तथाकथित बुद्धिजीवी मौन साधे हुए हैं। हिंदुओं की सुरक्षा के लिए बांग्लादेश सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, बल्कि उनकी नीतियां ही हिंदुओं की संख्या कम करने में लगी हुई हैं। यह बेहद अफसोसजनक व निंदनीय है। यज्ञ में पूर्णाहुति के बाद सभी वैदिक संस्थाओं के सदस्यों ने रोष मार्च निकाला। रोष मार्च सुभाष चौक से प्रारंभ होकर गीता भवन चौक, स्वामी दयानंद मार्ग, शनि मंदिर, छोटूराम चौक होते हुए लघु सचिवालय पहुंचा। यहां सभी वैदिक संस्थाओं के सदस्यों ने सरकार के नाम उपायुक्त डाॅ. मनोज कुमार को ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय सरकार से मांग की, कि बांग्लादेश में हिंदु व अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे अत्याचार को रोकने की मांग की, ताकि हिंदू समुदाय आम आदमी की तरह जीवन यापन कर सकें।