सोनीपत में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि आज देशभर में संविधान दिवस को ऐतिहासिक बनाने के लिए संविधान का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस विशेष मौके पर ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने संविधान पर आधारित देश का पहला संग्रहालय व अधिकार एवं स्वतंत्रता अकादमी आमजन को समर्पित कर नई पहल की है। मैं इस बात के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करता हूं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह नरेंद्र मोदी का पहली बार ऐतिहासिक निर्णय है। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, नरेला रोड स्थित ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में जिला स्तरीय संविधान दिवस समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शिरकत की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सोनीपत से विधायक निखिल मदान, राई से विधायक कृष्णा गहलावत, खरखौदा से विधायक पवन खरखौदा व गन्नौर से विधायक देवेंद्र कादियान पहुंचे। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि यहां संविधान सभा के परिवारों से आए प्रतिनिधियों को अपने हाथ से सम्मान देना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं उन महानुभावों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपनी रातों की नींद व दिन के चैन को त्याग कर राष्ट्र के लिए महीनों तपस्या कर ऐसे संविधान का निर्माण किया। आज दुनिया भारत के महान संविधान की बदौलत ही भारत का लोहा मान रही है। संविधान 140 मिलियन भारतीयों का कर रहा प्रतिनिधित्व राज्यपाल ने कहा कि आज प्रथम संविधान सभा के दूरदर्शी सदस्यों को याद करने का भी अवसर है, जहां डॉ. बीआर आंबेडकर ने महान संविधान का निर्माण किया और उसका मसौदा तैयार किया। जिसने भारत को दुनिया के सबसे बड़े गणराज्य के रूप में स्थापित किया। संविधान को गहन अध्ययन व शोध के बाद लिखा गया था, जो भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में एक वास्तविक चुनौती थी। आज यह 140 मिलियन भारतीयों की महत्वाकांक्षाओं व मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव के रूप में, संविधान समानता, स्वतंत्रता व बंधुत्व के आधार पर अपने नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है। संविधान की पवित्रता को बनाए रखना हमारे युवाओं की जिम्मेदारी है।