गोहाना तहसील और जुलाना तहसील के बीच पड़ने वाला बरोदा गांव इन दिनों अपनी जर्जर सड़कों के कारण बड़ी परेशानी झेल रहा है। यह रास्ता इलाके के लिए काफी अहम है, जहां से बस परिवहन, व्यापारिक वाहन और स्कूल बसें रोज गुजरती हैं। लेकिन सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब यह रास्ता लोगों के लिए खतरा बन गया है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं और कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। ग्रामीण कहते हैं कि सड़क में गढ्ढे तो देखे होंगे, अगर गड्ढों में सड़क देखनी हो तो बरोदा में आकर देख लो। गांव के बीच से गुजरने वाली मुख्य सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग के अधीन आती है, लेकिन पिछले कई सालों से इसकी मरम्मत नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि दिल्ली-कटरा हाईवे बनने के दौरान भारी ट्रकों की आवाजाही से यह सड़क पूरी तरह खराब हो गई थी। उसके बाद करीब 4-5 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इसे ठीक नहीं किया गया। ग्रामीणों और दोनों गांवों के सरपंचों ने कई बार सरकार से मांग की। बजट भी मंजूर हो चुका है, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हुआ। खराब सड़क के कारण रोज हादसे हो रहे हैं। वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और पशुओं को भी चोट लग रही है, क्योंकि उन्हें जोहड़ तक ले जाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल होता है। सड़क से उड़ने वाली धूल ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों को सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यहां सड़क खराब होने के कारण रोज दुर्घटनाएं होती हैं। गाड़ियों के टायर फट जाते हैं जिससे बड़ी घटना भी हो सकती है। यहां कई रोड एक्सीडेंट भी हो चुके हैं जिनमें किसी के हाथ पे किसी पैर पर और किसी के सिर में चोटें आई हैं। दिल्ली-कटरा रोड बनते समय इस गांव में से बड़े हाइवा गुजरते थे। हमने रोक तो उन्होंने रोड की पैमाइश की और कहा कि इसे हम बना कर देंगे। अब उन बातों को कई वर्ष बीत चुके हैं ना तो कोई आया और ना ही ये रोड बना। -जोगिंदर खासा सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि रोज वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। कई बार गड्ढों में गाड़ी फंस जाती है और हादसे होते हैं। बच्चों की स्कूल बसें भी इसी रास्ते से जाती हैं, जिससे हमेशा डर बना रहता है। हमने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। -सुरेंद्र खासा इस सड़क के कारण गांव के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। धूल इतनी उड़ती है कि घरों में रहना मुश्किल हो जाता है और लोगों को सांस की दिक्कत होने लगी है। ट्रैक्टर-ट्राली और बड़े वाहन चलते समय कभी भी पलट सकते हैं। सरकार को जल्द से जल्द इस सड़क को बनवाना चाहिए। -देवेंद्र खासा गांव का रोड बहुत ही खराब हालत है। यहां जमीदारों की ट्रैक्टर ट्राली भी पलट जाती हैं। पशु भी पैरों से लाचार हो चुके हैं। ये गढ़ी से लेकर बनवासा तक तो बहुत खराब है। ब्स यहां पर खतरों से खेलने वाली बात है। बच्चे को स्कूल में छोड़ने के लिए खड़े होते हैं तो धूल के कारण बच्चों का बुरा हाल हो जाता है। -जोगिंदर सिंह ये सड़क हमारे ग्राम पंचायत के कार्यक्षेत्र में नहीं आती हैं लेकिन फिर भी जहां भी मुझे बुलाया जाता है या इस काम के लिए मुझे जाना होता है मैं जाती हूँ। पिछले आठ दस साल से इस सड़क का काम अटका हुआ है। हम तो ये चाहते हैं कि सरकार इसे जल्द से जल्द बनाये। और अधिकारी कह भी रहे हैं कि इसका टेंडर कर दिया गया है लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। -सीमा देवी, महिला सरपंच बरोदा ठुठान।