गोहाना। सब-डिपो से मंगलवार को निरंकारी समागम में श्रद्धालुओं के लिए 40 स्पेशल बसें भेजी गई। इन बसों का संचालन लोकल और लंबे रूटों पर होता था। वहीं सब-डिपो की 9 बसों को चलाने के लिए टायर ही नहीं हैं। इसके अतिरिक्त तीन बसें तकनीकी खराबी के चलते वर्कशॉप में खड़ी रही। बड़ी संख्या में बसें अपने निर्धारित रूटों पर नहीं चलने से दैनिक यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। यात्रियों को प्राइवेट वाहनों पर निर्भर रहना पड़ा। सब-डिपो के बेड़ों में बसों की संख्या यात्रियों की संख्या के अनुपात में काफी कम है। अधिकारियों के अनुसार सब-डिपो के बेड़े में बसों की संख्या 80 है। इनमें 35 बसें किलोमीटर स्कीम की हैं। गन्नौर में निरंकारी समागम हो रहा है। शहर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु निरंकारी समागम में शामिल होने के लिए जाते हैं। श्रद्धालुओं ने रोडवेज अधिकारियों से समागम के लिए स्पेशल बसें चलाने की मांग की थी। श्रद्धालुओं की मांग पर रोडवेज अधिकारियों ने तीन दिनों स्पेशल बसें चलाने का शैड्यूल बनाया हुआ है। मंगलवार को समागम के लिए लोकल व लंबे रूटों पर चलने वाली 40 बसों को भेजा गया। इसके अतिरिक्त 12 बसें टायर व अन्य तकनीकी कारणों के कारण वर्कशॉप में खड़ी हैं। बड़ी संख्या में रोडवेज बसें समागम में जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। बसें नहीं चलने से जुलाना, सफीदों, गन्नौर, सोनीपत, महम भिवानी, रोहतक, पानीपत, खानपुर कलां, डेरा ब्यास, खाटूश्याम, हरिद्वार, मथूरा, मुरादाबाद रूट बंद हो गए। बस अड्डा से ड्यूटी इंस्पेक्टर सतीश कुमार का कहना है कि बुधवार को 45 बसें भेजी जाएंगी। समागम के लिए बसों की संख्या अधिक होने के कारण लोकल व लंबे रूट बंद रहेंगे। निरंकारी समागम के लिए बसें भेजने के लिए मुख्यालय ने शैड्यूल जारी किया हुआ है। शैड्यूल के अनुसार समागम के लिए बसें भेजी जा रही हैं।