सावन की शिवरात्रि के पावन अवसर पर मंगलवार को शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रात 12 बजे से ही भगवान आशुतोष के दर्शनों और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। पूरा मंदिर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। शहर के वैश्य कॉलेज रोड प्राचीन शिवालय मंदिर,किलोई शिव मंदिर, दुर्गा भवन मंदिर और जोगी जी महाराज शिव मंदिर में भक्तों ने शिवलिंग पर पवित्र गंगाजल, दूध, दही, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं, कलानौर के ऐतिहासिक सिद्ध शिव मंदिर में करीब 60 फीट ऊंची शिव प्रतिमा भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही, जहां रात से ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया था। बाबा मस्तनाथ मठ (अस्थल बोहर) के शिवालय में भी भक्तों और संतों ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों ने भी पूरी रात इंतजार के बाद कतारों में लगकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। शिव भक्तों की सेवा के लिए शहर में जगह-जगह सामाजिक शिविर लगाए गए थे। मंदिरों में व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।