रोहतक। एचएसईबी वर्कर यूनियन के राज्य सचिव बलराज कुंडू ने कहा कि संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 11, 12 और 13 अगस्त को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। हरियाणा के बिजली कर्मचारी भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। उन्होंने सरकार से निजीकरण के फैसलों पर पुनर्विचार की अपील की। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन में हरियाणा पावर इंजीनियर संगठन, एचएसईबी वर्कर यूनियन, ऑल इंडिया पावर कॉरपोरेशन वर्कर्स यूनियन और एचपीसी एससी-एसटी एवं बीसी इम्प्लाइज यूनियन सहित कई संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नई कृषि वितरण निगम बनाने, पैरेलल लाइसेंस जारी करने और स्मार्ट मीटर योजना का विरोध किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दे रही है जिससे सरकारी निगमों और कर्मचारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता भी गिर सकती है। एचएसवीपी वर्कर यूनियन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी विजय हुड्डा ने कहा कि सरकार की नीतियां कर्मचारी और उपभोक्ता दोनों के हित में नहीं हैं।