बावल और आसपास के क्षेत्र के लोगों, खासकर श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। यहां जल्द ही श्रम न्यायालय (लेबर कोर्ट) शुरू होने जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने सचिवालय भवन के कमरा नंबर 205 और एक बड़े हाल को श्रम न्यायालय के लिए तय कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, न्यायालय शुरू करने की तैयारी तेजी से चल रही है। फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान लगाने का काम अगले 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद यहां पर कोर्ट का काम शुरू कर दिया जाएगा। नया न्यायालय भवन दिसंबर 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बनने के बाद लोगों को अलग-अलग दफ्तरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी काम एक ही जगह पर आसानी से हो सकेंगे। भविष्य में यहां एक बड़ा ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना भी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कॉम्प्लेक्स में श्रम न्यायालय के साथ-साथ अन्य न्यायिक कार्यालय भी एक ही जगह पर बनाए जाएंगे। इससे मजदूरों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच होने वाले विवादों का समाधान अब स्थानीय स्तर पर ही हो सकेगा। श्रमिकों को मिलेगा फायदा: बावल एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, जहां काफी संख्या में फैक्ट्रियां हैं और हजारों की संख्या में मजदूर काम करते हैं। अभी तक श्रमिकों को अपने मामलों के समाधान के लिए दूसरे शहरों के कोर्ट में जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। लेकिन अब श्रम न्यायालय शुरू होने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी और उनके केस जल्दी निपट सकेंगे। ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स बनने से न केवल न्यायिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आम लोगों को भी बेहतर और तेज सेवाएं मिलेंगी। इससे प्रशासनिक कामकाज में भी सुधार आएगा और लोगों का समय बचेगा। श्रम न्यायालय शुरू करने की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। फर्नीचर का काम करीब 15 दिनों में पूरा हो जाएगा। इसके बाद कोर्ट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही, ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और दिसंबर 2028 तक भवन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। - मनोज कुमार, उप मंडल अधिकारी, बावल।