प्रस्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब को लेकर चल रहे विवाद के बीच वीरवार को गांव बसीरपुर, घाटाशेर और तलोट के किसानों ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर परियोजना का समर्थन किया। किसानों ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को जमीन दी है। अधिग्रहण में न तो किसी तरह की जबरदस्ती हुई और न ही फर्जी हस्ताक्षर किए गए। किसानों ने बताया कि उनकी जमीन की बाजार कीमत 10 से 12 लाख रुपये प्रति एकड़ थी, जबकि सरकार ने करीब 30 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया, जिससे वे संतुष्ट हैं। जिन किसानों को आपत्ति है, उनका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि यह महेंद्रगढ़ जिले का सबसे बड़ा विकास प्रोजेक्ट है, इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें गुमराह कर गांवों का भाईचारा खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से परियोजना को समय पर पूरा कराने की मांग की। प्रेसवार्ता में सुरेंद्र, सुभाष, रामपाल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।