निजामपुर। देवीलाल चौक स्थित मुख्य मार्ग के किनारे बने फुटपाथ पर नाले के टूटे स्लैब राहगीरों और दुकानदारों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गए हैं। कई स्थानों पर स्लैब टूटकर धंस चुके हैं, जिससे गहरे गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में गंदा पानी और कचरा जमा होने से क्षेत्र में लगातार दुर्गंध फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे न केवल आवाजाही प्रभावित हो रही है, बल्कि हादसे और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। दुकानदारों के अनुसार नाले के स्लैब लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़े हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। मानसूनी बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। फुटपाथ पर चलने वाले पैदल यात्रियों को टूटे हिस्सों का अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रात के समय समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि अंधेरे में टूटे स्लैब और गड्ढे साफ दिखाई नहीं देते। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार राहगीर गिरते-गिरते बचे हैं। नाले में जमा कचरे के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण ग्राहकों का आना-जाना प्रभावित हो रहा है। बरसात के दौरान नाला ओवरफ्लो हो जाता है, जिससे गंदा पानी फुटपाथ तक फैल जाता है। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: उमराव, गांव मौखूता ने बताया, “छह महीने से अधिक समय हो गया है। टूटे स्लैब के कारण कई बार लोग गिरते-गिरते बचे हैं। संबंधित विभाग समस्या का समाधान नहीं कर रहा। बारिश में जमा कचरे की दुर्गंध के बीच फुटपाथ पर बैठकर मजबूरी में मोची का काम करना पड़ रहा है।” देवेंद्र, गांव नापला ने कहा, “चौक के मोड़ पर खुले नाले की समस्या काफी पुरानी है। बारिश में नाला भर जाता है और गंदगी जमा होने से दुकान पर बैठना मुश्किल हो जाता है। राहगीरों और ग्राहकों को लगातार दुर्गंध का सामना करना पड़ता है।” स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने नगर प्रशासन से मांग की है कि टूटे नाले के स्लैबों को तत्काल बदलकर फुटपाथ को सुरक्षित बनाया जाए तथा नाले की नियमित सफाई कराई जाए, ताकि दुर्घटनाओं और बीमारियों के खतरे को रोका जा सके।