नारनौल। बेहतर शिक्षा की जिम्मेदारी जिस विभाग पर है, उसी विभाग के खंड कार्यालय में बने एक कमरे में शिव नगर प्राथमिक पाठशाला की 5 कक्षाओं के 57 बच्चे पढ़ रहे हैं। उसी कमरे में पढ़ाई के साथ-साथ मिड-डे-मिल का खाना भी पकाया जाता है और अन्य पाठशाला संबंधित कार्य किए जाते हैं। वहीं, जिन बेंचों पर बच्चे बैठते हैं, उन बेंचों के साथ सटाकर पुरानी व खराब बेंचें व अन्य सामान रखा गया है, जिसका बच्चों पर गिरने का खतरा भी बना रहता है। सुविधा के नाम पर कक्षा में एलईडी स्क्रीन तो लगी हुई है, लेकिन उसी के पास फर्श पर सिलिंडर, पानी का मटका, खाना बनाने के बर्तन सहित अन्य सामान फैला हुआ है। वहीं, जगह की कमी के कारण बच्चों को बरामदे में भी पढ़ाया जाता है, जिस कारण बच्चों को धूप, बारिश व ठंड में परेशानी का सामना करना पड़ता है। हैरत की बात यह है कि यह सब शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समक्ष हो रहा है और फिर भी एक अव्यवस्थित कमरे में पाठशाला का संचालन तीन साल से किया जा रहा है। कंडम घोषित होने के बाद भी 15 माह तक पढ़ते रहे बच्चे : शिव नगर स्थित प्राथमिक पाठशाला के जर्जर भवन को पीडब्ल्यूडी द्वारा 31 मार्च 2022 को कंडम घोषित किया गया था। कंडम घोषित होने के 15 माह बाद जुलाई 2023 में पाठशाला को खंड शिक्षा कार्यालय में बने एक कमरे में शिफ्ट किया गया था। लेकिन शिफ्ट करने से पहले 15 माह तक कंडम घोषित भवन में ही मासूम बच्चे शिक्षा ग्रहण करते रहे। ढाई साल से बजट नहीं हुआ पास : पाठशाला को शिफ्ट करने के 6 माह बाद कंडम भवन को ढहाया गया था। लेकिन करीब ढाई साल पहले ढहाए गए शिव नगर प्राथमिक पाठशाला के कंडम भवन के निर्माण के लिए अब तक बजट पास नहीं हो पाया है। लंबे समय से एस्टीमेट प्रक्रिया कागजों तक सीमित बनी हुई है, जिसका खामियाजा मासूम बच्चों को उठाना पड़ रहा है।