मिड-डे मील वर्कर्स की मांगों को लेकर मंगलवार को कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी में राज्य स्तरीय महापड़ाव शुरू हुआ। सुबह से ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों से महिला कर्मचारी बसों और अन्य वाहनों में भरकर कुरुक्षेत्र पहुंचीं। नई अनाज मंडी में हजारों की संख्या में जुटीं महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। महापड़ाव में कुरुक्षेत्र, करनाल, हिसार, भिवानी, जींद, नरवाणा, नारनौल समेत कई जिलों की मिड-डे मील वर्कर्स शामिल हुईं। सुबह से ही नई अनाज मंडी में महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दोपहर तक पूरा पंडाल कर्मचारियों से भर गया और लगातार नारेबाजी होती रही। यूनियन नेताओं ने कहा कि वर्षों से मिड-डे मील योजना में काम करने के बावजूद कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, पूरे 12 महीने का वेतन, कर्मचारियों को नियमित करने, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने, बकाया भुगतान, वर्दी भत्ता बढ़ाने, दुर्घटना और मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता, महीने में दो अवकाश तथा 12वीं कक्षा तक मिड-डे मील योजना लागू रखने सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशभर में और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर कर्मचारियों का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती।