कुरुक्षेत्र। ट्रेड डील के विरोध में आज 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर प्रस्तावित किसान आंदोलन से एक दिन पहले भाकियू चढूनी गुट के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी, प्रवक्ता राकेश बैंस, जिलाध्यक्ष कृष्ण कलाल माजरा सहित आधा दर्जन किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कईं दूसरे किसान नेता पूरा दिन अंडरग्राउंड रहे। पुलिस कार्रवाई से किसान भड़क उठे और पिहोवा के गांव थाना में हिसार-अंबाला हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा सहित कईं जगहों पर प्रदर्शन किया। करीब डेढ़ घंटा तक किसानों द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर पुलिस भी अलर्ट हो गई तो प्रदर्शन कर रहे किसानों को भी हिरासत में लिए जाने की तैयारी की जाने लगी, जिसके बाद किसानों ने अपनी रणनीति बदल ली। बाद में पिहोवा क्षेत्र के किसान नेता प्रिंस वड़ैच ने वीडियो जारी कर किसानों को आह्वान किया कि वे कहीं पर प्रदर्शन व जाम की बजाय दिल्ली जाने की तैयारी करें। प्रिंस वड़ैच ने बताया कि गुरनाम सिंह चढूनी अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला एवं सभा के प्रधान डॉ कृष्ण श्योकंद के पिता के निधन पर शोक जताने नरवाना जा रहे थे। पिहोवा के समीप उन्हें पुलिस ने बीच रास्ते में ही हिरासत में ले लिया और उन्हें पिहोवा थाने ले गए। वहीं राकेश बैंस व कृष्ण कलाल माजरा को उनके घर से ही हिरासत में लिया गया। प्रिंस ने बताया कि उन्हें भी पुलिस ने हिरासत में लेने की तैयार कर ली थी लेकिन वे बचने में कामयाब रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस इस तरह से दबाव बनाकर दिल्ली में किसानों का प्रदर्शन कमजोर करना चाहती है, जो सरकार के इशारे पर किया जा रहा है लेकिन किसान भारी संख्या में दिल्ली में जुटेंगै। उधर पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन का कहना है कि पांच से छह किसानों को हिरासत में लिया गया है, जिन्हें अलग-अलग थाने में रखा गया है।