स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन टीचर एजुकेशन में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में "स्वदेशी जागरूकता" पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों और कर्मचारियों को स्वदेशी उत्पादों के महत्व और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की शुरुआत एनएस्रएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सविता यादव के भाषण से हुई। उन्होंने स्वदेशी आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला और 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने में इसकी आधुनिक प्रासंगिकता के बारे में बताया। संस्थान के प्राचार्य डॉ. संतोष ने सभा को संबोधित करते हुए छात्रों को 'राष्ट्र प्रथम' का दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय उद्योगों और शिल्प कौशल का समर्थन करना केवल एक आर्थिक विकल्प नहीं है बल्कि यह सतत विकास और राष्ट्रीय गौरव की दिशा में एक बड़ा कदम है। सभी संकाय सदस्यों और छात्रों ने स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने, स्थानीय विरासत को बढ़ावा देने और देश की आत्मनिर्भरता में सक्रिय रूप से योगदान देने की औपचारिक शपथ ली। इस सअवसर पर नवबहार यादव, सतपाल, मुकेश रानी व दीपक सैनी मौजूद रहे।