ईंट भट्ठों पर काम करने वाली महिलाओं को गैस सिलेंडर नहीं मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भट्ठा मालिकों के सामने मजदूरों को ईंधन उपलब्ध करवाना परेशानी बन गया है। भट्ठा संचालक आमतौर पर मजदूर की कमी झेलते हैं। गैस सिलेंडर नहीं मिलने पर घरेलू ईंधन के तौर पर श्रमिकों को कोयला और लकड़ी देकर श्रमिकों की रसोई का काम चलाया जा रहा है। वहीं, महिलाएं पूरा दिन लकड़ियां तोड़कर ईंधन का प्रबंध कर रही है।