करीब 31 लाख रुपये की अवैध शराब बरामद, नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाकर छिपाई गई थी पहचान झज्जर। करीबन साढे़ 31 लाख रुपये की अवैध शराब की तस्करी मामले के दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उनको पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि अवैध शराब की खेप कहां से लाई गई थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था। इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। एसीपी क्राइम शमशेर सिंह दहिया ने बताया कि सीआईए झज्जर की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि लाल रंग का टाटा-1916 कैंटर, जिसके पीछे तिरपाल लगा हुआ है, वह बेरी की तरफ से जहाजगढ़ की ओर जाएगा। उसमें भारी मात्रा में अवैध शराब भरी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बेरी-जहाजगढ़ रोड पर गांव एमपी माजरा मोड़ के पास एक निजी स्कूल के नजदीक नाकाबंदी कर दी। कुछ समय बाद संदिग्ध कैंटर मौके पर पहुंचा। पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया और कैंटर को काबू किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि वाहन की नंबर प्लेट पर ग्रीस लगाकर वास्तविक नंबर को छिपाने का प्रयास किया गया था ताकि पुलिस और सीसीटीवी कैमरों की नजर से बचा जा सके। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान मनीष दहिया निवासी शादिपुर, जिला रेवाड़ी तथा परिचालक ने बिट्टू निवासी नारंगी बांदा आसाम के रूप में बताई। दोनों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करते हुए बताया कि वाहन में पशुओं का फीड (चारा) भरा हुआ है। पुलिस को संदेह होने पर जब तिरपाल हटाकर कैंटर की तलाशी ली गई तो उसके अंदर भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर की पेटियां बरामद हुईं। मौके पर आबकारी विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया। संयुक्त जांच के दौरान कुल 454 पेटियां बरामद हुईं, जिनमें रॉयल मेंशन गोल्ड व्हिस्की, इम्पीरियल ब्लू, रॉयल स्टैग सहित विभिन्न ब्रांडों की अंग्रेजी शराब, किंगफिशर बीयर शामिल थी। जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश पेटियों पर क्यूआर कोड नहीं थे और कई पेटियों के लेबल फटे हुए थे, जिससे अवैध तस्करी की आशंका और मजबूत हो गई। पुलिस ने शराब के परिवहन से संबंधित लाइसेंस, परमिट एवं अन्य वैध दस्तावेज मांगे जाने पर आरोपी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद आबकारी विभाग की मौजूदगी में शराब की गिनती, सैंपलिंग एवं जब्ती की कार्रवाई पूरी कर कैंटर को भी कब्जे में ले लिया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना बेरी में हरियाणा आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।