पिछले चार महीने से वेतन न मिलने से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों ने सोमवार को नागरिक अस्पताल के बाहर प्रदर्शन कर विरोध किया। एनएचएम कर्मियों न नारेबाजी कर अपना आक्रोश जाहिर किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से वेतन जारी न हाेने के चलते बहनों ने काली राखी बांधी थी, जिसके बदले हमें काले लिफाफा देने पड़े थे। अब वेतन नहीं दिया तो हम जन्माष्टमी त्योहार भी नहीं मना सकेंगे। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री जगत बिसला ने कहा कि11 अगस्त से 15 अगस्त तक सुबह 10 से 12 बजे तक अपनी-अपनी संस्था पर कार्य बहिष्कार। यदि 16 अगस्त तक लंबित 4 माह का वेतन और आगे हर माह समय पर भुगतान का बजट प्रावधान नहीं किया गया तो अगले चरण का आंदोलन तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी पिछले 25 साल से केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल पर पूरी निष्ठा, मेहनत और लगन से लागू करते हैं। सरकार पिछले चार माह से वेतन का भुगतान नहीं कर रही है। जिला अध्यक्ष अनिल कुमार और जिला मंत्री मनोज कौशिक ने कहा कि बार-बार वार्ता के बावजूद वेतन न मिलना हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री नायाब सैनी की कार्यकुशलता पर सवाल खड़े करता है। वेतन न मिलने से कई कर्मचारियों के बच्चों की फीस न देने के कारण नाम कट गए हैं। बैंक लोन की किश्तें समय पर न चुकाने से कर्मचारी बैंक डिफॉल्टर हो गए हैं। रिश्तेदारों व मित्रों से लिया गया कर्ज न चुकाने से सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। घर का राशन और दवाइयां तक खरीदना मुश्किल हो गया है। इन तमाम परिस्थितियों के बावजूद एनएचएम कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे हैं।