किसान रत्न अवार्ड से सम्मानित आशीष महता ने कहा कि दस साल से फसल अवशेष प्रबंधन कर रहा हूं। अपने खेत की मिट्टी को लेकर बेहद जागरूकता से काम करता हैं। जिसके चलते हमारे खेत में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ी। किसानों का सॉयल के प्रति संवदेनशील होना चाहिए। एचएयू के वैज्ञानिकों ने मुझे समय समय पर मार्गदर्शन किया। जैविक खेती को अपनाने से किसानों को आर्थिक तौर के अलावा हेल्थ के रूप में भी फायदा होगा। आज हमें उत्पादन से अधिक ध्यान न्यूट्रीशियन गुणवत्ता पर देना चाहिए। हमें कम से कम कीटनाशकों का उपयोग करना चाहिए। मैं गन्ना, सरसों की खेती के अलावा उनका प्रसस्करण को प्राथमिकता देता हूं। हर किसान को अपने उत्पाद का प्रसस्करण करना चाहिए।