कहते हैं इंसान दूसरे क्षेत्र में चाहे कितनी भी सफलता हासिल कर ले लेकिन असल रुचि जिस क्षेत्र में होती है, उसकी कसक कभी नहीं मिटती। भिवानी के संडवा गांव के दो चचेरे भाइयों के साथ भी ऐसा ही वाकया हुआ है। गाने का शौक रखने वाले दो भाइयों में सुमित कृषि विकास अधिकारी बन गए और अनुज ने भी नेट क्वालीफाई कर लिया। संगीत जगत में कुछ करने की ललक रह रहकर मन में उठती रही। दोनों ने आखिरकार मंजिल हासिल की और हरियाणवी गाना बैरण बनाकर लोगों के दिलों से लेकर बिलबोर्ड पर छाए हुए हैं। बैरण गाने को यू-ट्यूब पर अब तक 10 करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी गाने को रील्स को देशभर में प्रयोग किया जा रहा है। अनुज ने बताया कि गाने के बोल हैं - हो, मन्नै सांभ-सांभ राखे तेरे झांझरा के जोड़े। मेरी गेल रो-रो ये भी छोरी बावले से होरे। मन्नै आए जावै ख्याल तेरे, खाए जावै ख्याल तेरे। जीण कोन्या देती, हाय बैरी तन्हाई मन्नै। 17 मार्च को बैरण गाना बिलबोर्ड इंडिया की टॉप रैंकिंग में और तीन सप्ताह तक जगह बनाए रखी। बिलबोर्ड इंडिया कैटेगरी अनुसार सबसे ज्यादा सुने जाने वाले गानों की रैंक तय करता है। सिंगर की पॉपुलैरिटी, फॉलोअर्स, सोशल मीडिया एंगेजमेंट देखी जाती है। महज 50 हजार में तैयार हुए बैरण गाने के लोग मुरीद हो गए।