हरियाणा की राजनीति के लिहाज से भले ही अगला विधानसभा चुनाव भले ही साढ़े तीन साल बाद हो, मगर रणनीति बनना शुरू हो गया है। सत्ताधारी दल भाजपा गांवों में अपनी जड़े मजबूत करेगी। हरियाणा के कोटे की राज्य सभा की दो सीटों के लिए घमासान मचेगा। यदि कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो दो में से एक सीट भाजपा व दूसरी सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी। सात निकायों के चुनाव में भी राजनीतिक दलों का दमखम देखने को मिलेगा।राज्यसभा की दो सीटों का कार्यकाल अप्रैल में पूरा हो रहा है। दोनों ही सीटों पर भाजपा कब्जा है। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए बिसात बिछने लगी है। भाजपा के राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा व किरण चौधरी का कार्यकाल अप्रैल के महीने में खत्म हो रहा है। ऐसे में मार्च में चुनाव होने की संभावना है। चुनाव के लिए अभी से दावेदारों ने गोटियां बिछानी शुरू कर दी है। इस बार वोटों का आंकड़ा ऐसा है कि भाजपा-कांग्रेस के पास एक-एक सीट आना तय है। हालांकि भाजपा की पूरी कोशिश रहेगी कि दूसरी सीट भी उसके कब्जे में आए।