हरियाणा की राजनीति के लिहाज से साल 2026 काफी अहम साबित होने वाला है। अगला विधानसभा चुनाव भले ही साढ़े तीन साल बाद हो, मगर रणनीति नए साल से बनना शुरू हो जाएगी। सत्ताधारी दल भाजपा गांवों में अपनी जड़े मजबूत करेगी। वहीं, कांग्रेस इस साल प्रदेश व जिला स्तरीय संगठन का विस्तार करेगी। साल की शुरुआत में हरियाणा के कोटे की राज्य सभा की दो सीटों के लिए घमासान मचेगा। यदि कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो दो में से एक सीट भाजपा व दूसरी सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी। सात निकायों के चुनाव में भी राजनीतिक दलों का दमखम देखने को मिलेगा। राज्यसभा की दो सीटों का कार्यकाल अप्रैल में पूरा हो रहा है। दोनों ही सीटों पर भाजपा कब्जा है। एक सीट पर किरण चौधरी और दूसरी सीट पर राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा है। बताया जा रहा है कि इन दोनों सीटों पर मार्च में ही चुनाव हो जाएंगे। चुनाव से पहले राज्यसभा जाने के लिए दोनों दलों के अंदर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। भाजपा में किरण चौधरी दोबारा से राज्यसभा जाने के लिए हाथ-पैर मार रही हैं तो वहीं, लोकसभा व विधानसभा चुनाव में खाली हाथ रहे दूसरे भाजपा नेता भी दम दिखाएंगे। उधर, कांग्रेस में भी उम्मीदवार तय करना आसान नहीं होगा। राज्यसभा जाने वाला नेता हुड्डा समर्थक होगा या फिर कोई विरोधी खेमे का। पुराने इतिहास को देखते हुए हाईकमान किसी बाहरी शख्स को हरियाणा से राज्यसभा भेजने के लिए सोच-समझकर ही दांव खेलेगी। कुल मिलाकर राजनीति में दिलचस्प भरी उथल-पुथल साल के शुरुआती महीने में देखने को मिल सकती है।