अब करीब आठ दशक बाद लोहारू रोड रेलवे फाटक संख्या सी-51 को स्थायी तौर पर बंद किए जाने की तैयारी हो चुकी हैं। इसकी एक मुख्य वजह यह भी है कि अब यहां तक भिवानी रेलवे जंक्शन का दायरा बढ़ाया जाएगा जबकि इसके आसपास नई वाशिंग लाइन भी बनाई जाएगी। जिसके बाद ये फाटक भिवानी रेलवे जंक्शन का ही हिस्सा बन जाएगा। फिलहाल लोहारू रोड रेलवे फाटक सी-51 पर दिनभर वाहनों का घंटों जाम लगा रहता है। हालांकि दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई के दायरे में लोहारू रोड इसी फाटक के समीप 52 साल पुराना रेलवे ओवरब्रिज तोड़कर उसकी जगह नया ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। भिवानी का रेलवे जंक्शन 1892 में प्रारंभिक प्रारूम में राजपुताना-मालवा रेलवे के तहत बनाया गया था। बाद में उत्तर पश्चिम रेलवे जोन का हिस्सा बना। 1994 में मीटर गेज को ब्रॉड गेज में बदला गया। फिलहाल ये स्टेशन अब अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जा चुका है। जिसके बाद इस स्टेशन की गिनती देश के आधुनिक स्टेशनों में शामिल हो गई है। रेवाड़ी-भटिंडा रेल लाइन पर मुख्य स्टेशन से महज आधा किलोमीटर दायरे में आता है। हालांकि रेलवे ने स्टेशन के चंद कदम दूर इसी रेल लाइन पर कृष्णा कॉलोनी छौर पर फाटक संख्या सी-52 को पहले ही बंद कर वहां नया रेलवे ओवरब्रिज बना दिया है। जिस पर से दिनोद रोड की करीब आठ से बड़ी कॉलोनियों के लोगों की आवाजाही हो रही है। अब फाटक संख्या सी-51 को भी स्थायी तौर पर बंद करने की तैयारी हो गई है। रेलवे जंक्शन के समीप ही रेलवे वाशिंग लाइन का विस्तार करने जा रहा है। हालांकि रेलवे की यहां पहले से बनी वाशिंग लाइन छोटी ट्रेनों के लिए हैं, मगर आधुनिक रेलवे जंक्शन पर अब बड़ी ट्रेनों का ठहराव भी सुनिश्चित हो रहा है। ऐसे में यहां स्टेशन के विस्तार के साथ ही वाशिंग लाइन का भी विस्तार प्रस्तावित है। जिसको लेकर अब रेलवे अंतिम रूप देने में जुटा है। रेवाड़ी-भटिंडा रेल मार्ग पर हालुवास रेलवे फाटक तक के क्षेत्र को शामिल किया जाना है। ऐसे में रेलवे की तरफ से आसपास मकान बनाने वालों को भूमि अधिग्रहण का नोटिस भी थमाया जा चुका है।