भिवानी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर भिवानी जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यावरण सुधार के लिए क्रॅशर संचालकों को सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। पॉल्यूशन विभाग के एसडीओ नितिश भारद्वाज ने बताया कि क्रॅशर इकाइयों में तीन सेंसर, पीटीजेड कैमरे और व्हील वॉशिंग फैसिलिटी सुनिश्चित करना अनिवार्य है। ग्रेप-3 लागू होने की स्थिति में क्रॅशरों की लोडिंग, अनलोडिंग और माइनिंग से जुड़ी सभी गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए निगरानी भी बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने के लिए सर्विलांस बढ़ाया गया है। लोगों से अपील की गई है कि ऐसी घटना दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। माइनिंग क्षेत्रों के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में एचएसआईआईडीसी द्वारा सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। एसडीओ के अनुसार, जिले में पराली जलाने की कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है। किसानों को पराली न जलाने और उसके अवशेषों का उपयोग बायोमास प्लांट व ईंट-भट्ठों में ईंधन के रूप में करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भिवानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) फिलहाल 100 से नीचे बना हुआ है। प्रशासन का प्रयास है कि वायु गुणवत्ता इसी स्तर पर बनी रहे और लोगों को स्वच्छ हवा मिल सके। संवाद