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वैश्य महाविद्यालय में अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन: सृजनात्मकता और नवाचार से रूबरू हुई छात्राएं

भिवानी। छात्राओं के सर्वांगीण विकास और उनमें छिपी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से मंगलवार को स्थानीय वैश्य महाविद्यालय भिवानी की कंप्यूटर लैब में सृजनात्मकता विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के करीब 45 छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी कलात्मक, बौद्धिक तथा सृजनात्मक क्षमताओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस मौके पर डॉ गायत्री बंसल, सहायक प्रोफेसर, वाणिज्य विभाग आदर्श महिला महाविद्यालय भिवानी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराजा नीमपाल राजकीय महाविद्यालय में हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ योग माया ने की। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपने अंदर छिपी प्रतिभा के दम पर अपनी क्षमता के अनुसार लक्ष्य पाने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ वंदना वत्य, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अंजू राजन, डॉ श्रुति रानी, डॉ हेमा, सुदेश कोमल ने भी सृजनात्मक विषय पर अपने विचार रखे। ------------------------------------ सृजनात्मकता केवल कला नहीं, जीवन जीने की कला है: डॉ गायत्री बंसल कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ गायत्री बंसल सहायक प्रोफेसर आदर्श महिला महाविद्यालय भिवानी ने अपने संबोधन में सृजनात्मकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सृजनात्मकता केवल चित्रकला या लेखन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर क्षेत्र में समस्याओं का नया और प्रभावी समाधान खोजने की एक दृष्टि है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल किताबी ज्ञान होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी में लीक से हटकर सोचने और नवाचार करने की क्षमता होनी चाहिए। अपराजिता जैसे मंच छात्राओं के भीतर के आत्मविश्वास को जगाने और उनकी छिपी हुई प्रतिभा को समाज के सामने लाने का कार्य करते हैं। ---------------------------------- अपनी कल्पना को पंख दें, नए विचारों को अपनाएं: डॉ योग माया महाराजा नीमपाल राजकीय महाविद्यालय में हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ योग माया ने कहा कि सृजनात्मकता हमें सिखाता है कि जीवन की कठिन परिस्थितियां और शारीरिक बाधाएं कभी भी इंसान के बुलंद हौसलों को नहीं झुका सकतीं। उन्होंने कहा कि सृजनात्मकता केवल कला या कविता नहीं, बल्कि जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की एक अनूठी कला है। यह लीक से हटकर सोचने और साधारण विचारों में असाधारण रंग भरने की शक्ति है। इसलिए अपनी कल्पना को पंख दें, नए विचारों को अपनाएं और इस सृजन यात्रा के साक्षी बनें। -------------------------------------

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