मिर्गी के मरीजों के लिए दौरे के दौरान जलने की घटनाएं गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही हैं। हालिया अध्ययन में सामने आया है कि दवाओं के नियमित सेवन में लापरवाही और उपचार में अनियमितता के कारण जलने से होने वाली गंभीर चोटों तथा दिव्यांगता का खतरा बढ़ रहा है। यह अध्ययन दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बर्न कैजुअल्टी वार्ड में भर्ती मिर्गी के मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर किया गया। शोधकर्ताओं ने 28 महीने की अवधि में जलने से घायल हुए 62 मिर्गी रोगियों के मामलों का विस्तृत विश्लेषण किया। इसके साथ ही अध्ययन में वर्ष 1947 से सितंबर 2025 तक प्रकाशित शोधों की व्यवस्थित समीक्षा भी शामिल की गई। इस समीक्षा के तहत 21 अध्ययनों में शामिल कुल 1,515 मरीजों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोध में पाया गया कि मिर्गी के दौरे के दौरान आग, गर्म तरल पदार्थ या अन्य स्रोतों से जलने का जोखिम काफी अधिक रहता है।