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दिल्ली चिड़ियाघर में आएगा चीता, 109 नई प्रजातियों संग बढ़ेंगे वन्यजीव

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान देश का पहला ऐसा चिड़ियाघर बनने जा रहा है, जहां चीते को लाने की तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार की 3.78 करोड़ रुपये की आधुनिकीकरण परियोजना के तहत तैयार की गई महत्वाकांक्षी योजना में चीता समेत 109 नई प्रजातियों और 2,943 वन्यजीवों को शामिल किया जाएगा। योजना लागू होने के बाद चिड़ियाघर में कुल 201 प्रजातियों के वन्यजीव पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा न्यू वर्ल्ड मंकी, माउस डियर और रंग-बिरंगी तितलियों जैसी कई दुर्लभ प्रजातियां भी पहली बार यहां देखने को मिलेंगी। चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, अधिकांश जानवरों को देश के विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ आदान-प्रदान कार्यक्रम के माध्यम से लाया जाएगा। इसके लिए संभावित साझेदार चिड़ियाघरों की सूची भी तैयार कर ली गई है। दरअसल, बीते तीन साल में चिड़ियाघर में वन्यजीवों की प्रजातियां 99 से घटकर 92 रह गई हैं, जबकि कुल जानवरों की संख्या भी घटकर 1,255 तक पहुंच गई है। कई लोकप्रिय प्रजातियां अब यहां नहीं हैं। वर्ष 2019 में आखिरी चिंपांजी की मौत के बाद यह प्रजाति पूरी तरह समाप्त हो गई, जबकि 2014 से जिराफ और 2013 से जेबरा भी चिड़ियाघर का हिस्सा नहीं हैं। अफ्रीकी हाथियों की अनुपस्थिति भी लंबे समय से महसूस की जा रही है। कई जानवरों की मौत ने भी चिड़ियाघर प्रबंधन पर खड़े किए सवाल हाल के महीनों में कई जानवरों की मौत ने भी चिड़ियाघर प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। पिछले महीने एक सिवेट और चिंकारा हिरण की मौत हुई, जबकि इस वर्ष एक नीलगाय, सियार और लुप्तप्राय संगाई हिरण ने भी दम तोड़ दिया। दिसंबर 2025 में बाड़े से भागे एक सियार की पकड़ने के दौरान मौत और उसके शव के निपटान को लेकर भी विवाद सामने आया था। वहीं, सफेद बाघिन ''दुर्गा'' को पटना चिड़ियाघर भेजने की तैयारी के दौरान फ्रैक्चर होने की घटना भी चर्चा में रही।

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