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दिल्ली: बिना पंजीकरण के नर्स नियुक्त करने वाले निजी अस्पतालों की खैर नहीं

बिना पंजीकरण के नर्सिंग कर्मियों की नियुक्ति करने वाले निजी अस्पतालों की खैर नहीं है। दिल्ली नर्सिंग काउंसिल (डीएनसी) ने रोहिणी स्थित सरोज सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की 120 नर्सिंग कर्मचारियों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाकार कार्रवाई की है। इस संबंध में काउंसिल ने आदेश जारी किया है। बता दें कि काउंसिल ने यह कार्रवाई शिकायतकर्ता उत्तम चंद मीना द्वारा मार्च 2018 में मरीज गार्गी मीणा के उपचार में चिकित्सीय लापरवाही बरतने पर की है। हालांकि मरीज का निधन हो चुका है। डीएनसी की जांच में मार्च 2018 तक कार्यरत 245 नर्सिंग कर्मियों के रिकॉर्ड और पंजीकरण प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया गया। जांच में सामने आया कि केवल 114 नर्सों का दिल्ली नर्सिंग काउंसिल में वैध पंजीकरण था। वहीं 120 नर्सें अन्य राज्यों से थी। लेकिन उन्होंने डीएनसी पंजीकरण नहीं कराया था। इसके अलावा छह व्यक्ति किसी भी राज्य नर्सिंग परिषद में पंजीकृत नहीं मिले। जबकि पांच अन्य कर्मचारियों (चार ओटी तकनीशियन और एक नर्सिंग एड) को गलत तरीके से नर्सिंग स्टाफ के रूप में तैनात किया गया था। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि अस्पताल ने दिल्ली नर्सिंग काउंसिल अधिनियम 1997 की धारा 17 का उल्लंघन करते हुए अपंजीकृत और अयोग्य व्यक्तियों को नर्सिंग सेवाओं में लगाया। जिससे मरीजों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। डीएनसी ने आदेश में बिना पंजीकरण कार्यरत 120 नर्सों पर दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति का जुर्माना लगाया है। इसी के साथ अस्पताल प्रबंधन पर भी प्रत्येक ऐसे कर्मचारी के लिए दो हजार का अलग से जुर्माना लगाया है। साथ ही संबंधित सभी पक्षों को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा डीएनसी ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय को अस्पताल के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की है। अगर 10 दिनों के भीतर जुर्माना जमा नहीं कराया गया या जवाब प्रस्तुत नहीं किया तो कानूनी और नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।

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