सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो कुल जीडीपी में 30% और निर्यात में 40% योगदान देते हैं, साथ ही 16 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं। हालांकि, 6.5 करोड़ एमएसएमई में से केवल 3.5 करोड़ ही बैंकों से ऋण ले रहे हैं। इस अंतर को कम करने और एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग सेक्टर सक्रिय प्रयास कर रहा है। यह बात सेक्टर-37 के होटल बेल मॉन्ड में आयोजित एक कार्यशाला में यूको बैंक के महाप्रबंधक सुजॉय दत्ता ने कही। यूको बैंक, एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन नोएडा और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस एमएसएमई आउटरीच प्रोग्राम में उद्यमियों को बैंक की योजनाओं की जानकारी दी गई। एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नाहटा ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर कुशल और अकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार सृजन कर बेरोजगारी कम करता है। उन्होंने सेक्टर 9 और 10 में उद्योगों की सुविधा के लिए नई बैंक शाखा खोलने का सुझाव दिया।